Class 11 [Business Studies] Chapter 1 Notes in Hindi

मनुष्य को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए प्रतिदिन विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की आवश्यकता होती है उत्पादक व पेशेवर लोग इन आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं इन आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए उत्पादक वस्तुओं का क्रय विक्रय करता है तथा कई कच्चे माल के माध्यम से एक नई वस्तु का निर्माण करता है पिछली कई सभ्यताओं में भी व्यवसाय किया जाता था इस लेख के माध्यम से मैंने इस लेख के माध्यम से मैंने आपको Class 11 [Business Studies] Chapter 1 Notes in Hindi के बारे में बताया है इस chapter के notes cbse की book से बनाए गये है

वर्तमान में व्यवसाय हमारे जीवन का केंद्र बन चुका है हम व्यवसाय की प्रकृति और उसके उद्देश्यों को अच्छे से समझने के लिए इसे दो खंडों या दो भागों में विभाजित कर सकते हैं जिनमें पहला प्राचीन काल में व्यापार और द्वितीय में व्यवसाय की अवधारणा प्रकृति और उद्देश्यों की विवेचना है

ऐसे कार्य जिन्हें करने पर इनकम प्राप्त होती है उन्हें आर्थिक क्रिया कहते हैं जैसे स्कूल में जाकर बच्चों को पढ़ाना

कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिन्हें करने पर धन प्राप्त नहीं होता है उन्हें अनार्थिक क्रिया कहते हैं व यह क्रियाएं भावुकतास्नेह आदि के लिए भी की जा सकती है  

आर्थिक क्रियाओं को तीन भागों में बांटा गया है जिसमें व्यापार, पेशा, व रोजगार है

व्यापार की अवधारणा – 

व्यापारिक आर्थिक क्रिया है जिसमें या तो वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है या फिर वस्तुओं को बेचा जाता है यह सेवाओं को प्रदान किया जाता है 

व्यवसायिक गतिविधियों को दो भागों में बांटा गया है

  1. उद्योग 
  2. वाणिज्य

भारतीय महाद्वीप जो कि हिमालय और हिंद महासागर में बंगाल की खाड़ी तक है इस व्यवसायिक मार्ग को रेशमी राह भी कहा जाता है यह यह विश्व के कई देशों से व्यापार करने में बहुत सहायक है

कई ऐसे प्रमाण मिले है जिसके माध्यम से पता चला है की प्राचीन कल मे भूमिगत व  समुद्रीक अंतर्देशीय विदेशी व्यापार और वाणिज्य प्रचलन में था

 स्वदेशी बैंकिंग प्रणाली

 प्राचीन काल में वस्तुओं का भी व्यापार किया जाता था तथा मुद्रा के रूप में वस्तुओं और धातु के टुकड़ों का भी उपयोग किया जाता था इसमें कई समस्याएं थी तथा इनका हल करने के लिए एक नई मुद्रा को प्रचलन में लाया गया इसके कारण कई आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई प्राचीन समय में हुंडी व चित्ती  का प्रयोग किया जाता था यह है

  स्थानीय भाषा में लिखी जाती थी इसमें बिना किसी शर्त के द्रव्य का भुगतान करने का वचन दिया जाता था यह एक आदेश पत्र था प्राचीन लोग कृषि और पशुपालन को अपने जीवन का महत्वपूर्ण घटक मानते थे 1 साल में कभी दो फसलें और कभी कभी दो से भी अधिक 3 भी फसलें उगाई जाती थी

कई कुटीर उद्योग भी किए जाते थे यहां कई ऐसे कारखाने भी थे जहां कुशल कारीगर काम करते थे मैंने यहा Indigenous banking system kya hai के बारे में बताया है साथ ही मैंने ऊपर दिए गये लेख के माध्यम से Class 11 [Business Studies] Chapter 1 Notes in Hindi  के बारे में भी बताया है

इस लेख के माध्यम से मैंने आपको Class 11 [Business Studies] Chapter 1 Notes in Hindi के बारे में बताया है यह chapter cbse की book से लिया गया है आपको यह लेख पसंद आया है तो आप इसे शेयर कर सकते है साथ ही आप किसी सवाल को हमसे पूछना चाहते है तो आप निचे दिए गये कमेंट के बॉक्स में कमेंट लिखकर हमसे पूछ सकते है मैं आपके द्वारा पुछे गये सवाल का जबाब जरुर दूंगा

 

 

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