हास – Depreciation Kya Hai [Methods, Examples Formula]

 


हास (depreciation)  प्रावधान (Provision) और संचय (Accumulation) स्थाई संपत्तियों का उपयोग व्यवसाय में कई वर्षों तक किया जाता है तथा लंबे समय तक उपयोग में लेने से संपत्ति का मूल्य कम हो जाता है इसका एक अन्य कारण फैशन में परिवर्तन भी बहुत बार नए फैशन के आने के कारण पुरानी संपत्तियों का मूल्य कम हो जाता है मैंने आपको इस लेख के माध्यम से depreciation Kya Hai, What is depreciation in Hindidepreciation Kya Hota Hai आदि के बदरे में बताया है 


हम इसे एक उदाहरण के तौर पर भी समझ सकते हैं प्लास्टिक की बोतल बनाने वाली कंपनी ने ₹100000 की मशीन खरीदी वह 1 घंटे में 1000 बोतल बना देती है कुछ समय बाद बाजार में एक नई मशीन आई जो 10 मिनट में 2000 बोतल बना देती है अतः कंपनी द्वारा खरीदी गई मशीन का मूल्य घट जाएगा

हास की आवश्यकता 


  1. हास सही लाभ तथा हानि के बारे में पता लगता है
  2. इससे हम व्यवसाय की सही आर्थिक स्थिति के बारे में पता लगा सकते हैं
  3. हास से संपत्ति का वास्तविक मूल्य ज्ञात किया जा सकता है

depreciation methods in hindi

  1. क्रमागत शेष विधि (Continuous balance method)
  2. सरल रेखा विधि (Simple line method)

इनसे हम समय बीतने उपयोग में लेने से फैशन से बाहर हो जाने पर व्यवसाय पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पता लगा सकते हैं


परिशोधन Refinement 


कुछ ऐसी संपत्ति या होती है जो अमूर्त होती हैं तथा इन संपत्तियों का मूल्य कुछ समय के लिए दिखाया जाता है इसे परिशोधन कहते हैं

अप्रचलन Obsolescence


यह व्यवसाय के लिए हानि है क्योंकि इसके कारण व्यवसाय में स्थित संपत्तियों का मूल्य कम हो जाता है अप्रचलन में आने के कारण यह हो सकता है जैसे तकनीकी परिवर्तन उत्पादन पद्धतियों में सुधार आदि


मैंने इस लेख के माध्यम से आपको depreciation kya haidepreciation meaning in hindidepreciation methods in hindi आदि के बारे में बताया यदि यह लेख आपको अच्छा लगा है तो आप इसे शेयर करे आपके मन में इस लेख से सम्बंधित किसी भी तरह का सवाल है तो आप निचे दिए गये कमेंट बॉक्स में कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है 
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